AutorRTJD Incognita Island

  हम इस कॉलम में हर बार आपके लिए लेकर आते हैं पानी के अंदर पाए जाने वाले अजब अनोखे प्राणीयों के बारे में जानकारियां तो इस बार जानिए स्टिंग्र...

अनोखी स्टिंग्रे मछली Sting Ray Fish के बारे में रोचक बातें

 हम इस कॉलम में हर बार आपके लिए लेकर आते हैं पानी के अंदर पाए जाने वाले अजब अनोखे प्राणीयों के बारे में जानकारियां तो इस बार जानिए स्टिंग्रे मछली के बारे में....

Stingray Fish 


इस मछली की पूंछ में जहर होता है और यह लगभग 8 इंच लंबी होती है। स्टिंग्रे जब डर महसूस करती है तो इनकी पूंछ भाले जैसी सख्त हो जाती है। इस स्थिति में जहर से भरी यह पूंछ किसी के लिए भी घातक हो सकती है । ये मछलियां अंडे नहीं देतीं, बल्कि एक बार में 2 से 6 बच्चों को जन्म देती हैं।

🔺इस मछ्ली से जुड़े रोचक तथ्य : - 

स्टिंग्रे एक समुद्री मछली है, जो शार्क प्रजाति से संबंधित कार्टिलाजिनस (Cartilaginous) मछली है।

स्टिंग्रे समुद्र के तल में रेत के अंदर छिपकर रहती हैं। इनका पतला शरीर छिपने में बहुत सहायक होता है।

पूरी दुनिया में इनकी करीब 200 प्रजातियां मौजूद हैं।





इनके शरीर में कंकाल (skeleton) नहीं होता, एक रीढ़ की हड्डी होती है जो पूंछ तक होती है।

इनका जीवनकाल लगभग 15 से 20 साल का होता है।

◾डिस्क के आकार के समतल शरीर के साथ इनकी पतली पूंछ होती है।

वयस्क स्टिंग्रे मछली का वजन लगभग 350 किलो तक होता है। यह करीब 6.5 फीट तक लंबे हो सकते हैं।

इनका मुह, नाक और गलफड़े बहुत छोटे होते हैं और शरीर के नीचे की तरफ होते हैं।

स्टिंग्रे के समूह को अंग्रेजी में फेवर (Fever) कहा जाता है।

स्टिंग्रे मछली की कुछ प्रजातियों की पूंछ में कांटे होते हैं, जिससे वे शिकार पर ◾हमला करते हैं।

◾ये अपनी पूंछ से डंक मारकर शिकार में जहर डाल देती है, जिससे शिकार को लकवा मार जाता है और वह उसे निगल लेती है।



कभी खाना तीखा हो जाता हैं तो उसे खाकर आपका मुंह जलने लगता है और नाक से पानी बहने लगता हैं। आज के इस पोस्ट में हम इसी पहलु की विज्ञान समझेंगे...

तीखा खाने से मुंह क्यों जलने लगता है ? नाक से पानी निकलने का विज्ञान


कभी खाना तीखा हो जाता हैं तो उसे खाकर आपका मुंह जलने लगता है और नाक से पानी बहने लगता हैं। आज के इस पोस्ट में हम इसी पहलु की विज्ञान समझेंगे।

तीखा खाने से नाक क्यों बहने लगती है?



दरअसल तीखे भोजन में कैप्साइसिन ( Capsaicin ) नाम का एक कंपाउड होता है, जो आमतौर पर उन पौधों में पाया जाता हैं, जो जीनस कैप्सिकम फैमिली के होते हैं।

यह कंपाउंड हर तीखे इस जलन के कारण मसालों में पाया जाता शरीर में म्यूकस (बलगम) है। इस कैप्साइसिन बढ़ने लगता है। बॉडी कैमिकल के कारण इस म्यूकस को नाक के जीभ, कान और नाक में माध्यम से बाहर निकालने जलन होने लगती है। लगती है, जिस वजह से नाक से पानी आना शुरू हो जाता है।



नासा द्वारा ली गई इमेज  हाल ही में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अपनी 'आइजन द सोलर सिस्टम' (Eyes on the Solar System)वेबसाइट को अपडेट...

क्या हैं "आइज ऑन द सोलर सिस्टम ? "

नासा द्वारा ली गई इमेज 


हाल ही में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अपनी 'आइजन द सोलर सिस्टम' (Eyes on the Solar System)वेबसाइट को अपडेट किया है। आइए जानते हैं इसके बारे में

नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी यह वेबसाइट अंतरिक्ष और कैलटेक में विजुलाइजेशन में दिलचस्पी रखने वाले टेक्नोलॉजी एप्लिकेशन एंड लोगों को 'ब्रह्मांड और डेवलपमेंट टीम ने यह सिस्टम उसकी खोज करने वाले ' • विकसित किया है और इसे डेवलप अंतरिक्ष से रिलेटेड चीजों करने में लगभग दो साल से अधिक को एक्सप्लोर करने में का समय लगा है। मदद करता है।


वेबसाइट पर आने वाले यह अपडेट बेहतर कंट्रोल विजिटर्स साल 1950 से 2050 और नेविगेशन के साथ पृथ्वी, तक ग्रहों, उनके चंद्रमाओं, सौर मंडल, क्षुद्रग्रह इत्यादि क्षुद्रग्रह (Asteroid), धूमकेतुओं के बारे में अच्छा और रोचक और अंतरिक्ष यान आदि का पता जानकारियों को जानने का लगा सकते हैं। अवसर प्रदान करता है।


यह अनूठी 3D वेबसाइट सौर मंडल के अतीत, वर्तमान और भविष्य के रीयल-टाइम 3D डेटा विजुअल के द्वारा पेश करती है। यह अद्भुत 3D व्यू में सितारों को हाइलाइट करती है और उनके चारों ओर के एक्सोप्लैनेट का पता लगाने में भी मदद करती है।




ऋषि सुनक कॉन हैं? भारतवंशी ऋषि सुनक इसी साल 24 अक्टूबर को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने हैं। इतने महत्वपूर्ण पद पर वे कैसे पहुंचे और कैसा र...

ऋषि सुनक की पुरी कहानी Rishi Sunak

ऋषि सुनक कॉन हैं?
भारतवंशी ऋषि सुनक इसी साल 24 अक्टूबर को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने हैं। इतने महत्वपूर्ण पद पर वे कैसे पहुंचे और कैसा रहा उनका अब तक का जीवन. आइए नजर डालते हैं-
ऋषि सुनक 


ऋषि सुनक 2015 से रिचमंड (यॉर्क) के लिए संसद सदस्य (सांसद) हैं। 2019 से 2020 तक हैं ऋषि ट्रेजरी के मुख्य सचिव तथा 2020 से 2022 तक राजकोष के चांसलर रहे। अक्टूबर 2022 से यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री और कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के रूप में वे कार्यरत हैं ।

जन्म: 12 मई 1980 साउथैम्प्टन, इंग्लैंड

ऋषि सुनक के पिता का नाम यशवीर और माता का नाम उषा सुनक है। उनके माता-पिता पंजाब के रहने वाले थे, जो विदेश में (पूर्व अफ्रीका में) जाकर बस गए। 90 के दशक में वे पूर्व अफ्रीका से इंग्लैंड आ गए। ऋषि तीन भाई- बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी भी पंजाब प्रांत के रहने वाले थे और 1960 के दशक में पूर्वी अफ्रीका से अपने बच्चों के साथ यूके चले गए थे।

शिक्षा



ऋषि ने अपनी पढ़ाई विनचेस्टर कॉलेज से की। उन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई लिंकन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में पूरी की। इसके बाद वर्ष 2006 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से उन्होंने एमबीए की डिग्री प्राप्त की।
परिवार

ऋषि भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद हैं। उनकी बेटी अक्षता मूर्ति से उनका विवाह हुआ तथा उनकी दो बेटियां कृष्णा और अनुष्का हैं।

राजनीतिक जीवन

यॉर्कशर के रिचमंड से सांसद ऋषि सुनक 2015 में पहली बार संसद पहुंचे थे। उस समय ब्रेग्जिट का समर्थन करने के कारण पार्टी में उनका कद टी में उनका लगातार बढ़ता चला गया।

सुनक ने तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार के संसदीय अवर सचिव के रूप में कार्य किया। थेरेसा मे के इस्तीफा देने के बाद सुनक ने बोरिस जॉनसन के कंजर्वेटिव नेता बनने के अभियान का समर्थन किया। जॉनसन ने प्रधानमंत्री नियुक्त होने के बाद सुनक को ट्रेजरी का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया। चांसलर के रूप में सुनक ने यूनाइटेड किंगडम में COVID-19 महामारी के आर्थिक प्रभाव के मद्देनजर सरकार की आर्थिक नीति पर प्रमुखता से काम किया।


सुनक जी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य 



1) ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्स ने 20 अक्टूबर को इस्तीफे का ऐलान कर दिया था। लिज केवल 45 दिन पद पर रहीं। किसी भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री का यह सबसे कम कार्यकाल है।

सुनक को चुनौती देने वाली पेनी मॉरडॉट ने 24 अक्टूबर को अपना नाम वापस ले लिया था। इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी नाम वापस ले लिया । सुनक को करीब 200 सांसदों का समर्थन मिला। इस तरह वे जीत के करीब पहुंचे।
ऋषि सुनक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने, किंग चार्ल्स ने उन्हें अपॉइंटमेंट लेटर सौंपा।


  Stone Fish  समुद्र हमेशा से ही रहस्यों और खौफनाक जीवों का वतावरण रहा है । आज तक जितने भी भयानक जीवों के बारे में आज जो कुछ हमे पता है वो क...

पत्थर जैसी दिखने वाली मछ्ली Stone Fish

 

Stone Fish 

समुद्र हमेशा से ही रहस्यों और खौफनाक जीवों का वतावरण रहा है । आज तक जितने भी भयानक जीवों के बारे में आज जो कुछ हमे पता है वो कहीं न कहीं समुद्र से ही जुड़े होते है । चाहे वो दुनिया के सबसे बड़े जीव को लेकर हो या शार्क और ऑक्टोपस के खतरनाक कारनामे हो । मगर हम आज दुनिया के सबसे ज़हरीली मछ्ली के बारे में बात कर रहे है । जी हां , मैं स्टोन फिश ( Stone Fish) की ही बात कर रहा हूं । आपने स्टोन फिश के बारे में सुन तो बहुत होंगा मगर आज हम इसके बारे में कुछ नया जानेंगे । ये समुद्र के सबसे निचले स्तर पर पाए जाने वाली मछली है जो 30 से 40 सेंटी मीटर आकर और 250 से 450 किलो ग्राम तक के वजन के साथ पाई जाती है । इसकी कई सारी प्रजातियां होती है जिसमे कई प्रजातियां आपका मन मोह लेंगी कहने का मतलब दिखने में रंग बिरंगी होती है साथ ही बहुत ही शांत स्वभाव की भी । मगर इसके उलट इसकी कुछ प्रजातियां मानो बिल्कुल पत्थर और खुरदरी त्वचा की भद्दी दिखने वाली होती है । जिस कारण कई बार शिकार इसे पत्थर समझ कर इसके शिकंजे में फस जाते है । ये इतनी जहरीली होती है की कई बार गोताखोर भी इसके शिकार हो चुके है । स्टोन फिश जैसा की इसके नाम से पता चल रहा है ये एक लंबे समय तक एक ही जगह स्थिर रहती है जिस कारण से इसके शरीर पर कई भी उग आती है जिस वजह से अपने शिकार को गुमराह करने में और सक्षम हो जाती है । स्टोन फिश आमतोर पर छोटे छोटे जीव और मछलियां ही कहती है मगर कई बार ये इसके आकर के बड़े जीवों का भी शिकार कर जाती है । भले मानव अंतरिक्ष में जाकर ही रहने लगा है मगर आज भी धरती पर ही समुद्र को पूरी तरह से नहीं समझ सका है । हम जब भी समुद्र की बात करते है तो सबसे पहले हमें बीच और उसपर होने वाली मौज मस्ती या फिर किसी जहाज़ी बेड़े की कहानी ही याद आती है । मगर हम समुद्र के वास्तविक स्वरूप से बेखबर होते है । 



 आपने दुनिया के सबसे बड़े जीव का नाम सुना ही होगा जो  की एक " व्हेल " मछ्ली है । मगर हम आज आपको दुनिया नहीं इस पृथ्वी पर पाए जाने ...

सफेद दांतेदार पिग्मी श्रे Smallest Mammals in the earth

 आपने दुनिया के सबसे बड़े जीव का नाम सुना ही होगा जो  की एक " व्हेल " मछ्ली है । मगर हम आज आपको दुनिया नहीं इस पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे सुष्म जीव जो की एक मैमलस है उसकी बात करेंगे । इस जीव को नाम है " सफेद दांतेदार पिग्मी श्रे " यानी White toothed pygmi shrew ।

मैमल :  सफेद दांतेदार पिग्मी श्रे 


आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह जीव मात्र 1.56 या सीधे शब्दों में कहें तो डेढ़ ग्राम का है और इसकी लम्बाई महज़ 4 सेंटी मीटर हैं । वाकई हमारी धरती अजूबों और अनूठो का गृह है । यह जीव दिखने में बिल्कुल एक चूहे के समान दिखाई देता है ।



  कोमोडो ड्रैगन कोमोडो ड्रैगन एक प्रकार की छिपकली है जो आमतोर पर इंडोनेशिया के आइलैंड्स में पाई जाती हैं । यह lizard लिजार्ड फैमिली की ही एक...

Largest and big lizard in the world

 

कोमोडो ड्रैगन

कोमोडो ड्रैगन एक प्रकार की छिपकली है जो आमतोर पर इंडोनेशिया के आइलैंड्स में पाई जाती हैं । यह lizard लिजार्ड फैमिली की ही एक प्रजाति है जो घड़ियाल जैसी ही दिखती है । यह धरती पर रेंगकर चलने वाली सबसे बड़ी छिपकली है । यह लगभग 3 मीटर लंबी और 70 किलोग्राम वजन लिए रेंगती है । 

मॉनिटर लिजार्ड प्रजाति की यह छिपकली सांप , पक्षी , मैमल्स और वो सभी छोटे जीव जो जमीनी सतह पर पाए जाते है ये उन सभी को अपना शिकार बनाती है । वैसे तो ये ज्यादा खतरनाक जीवों की श्रेणी में नहीं आती है । मगर जब ये बहुत भूखी होती है तो सामने आने वाली हर चीज से उलझ जाती है और कई भिड़त में ये सामने वाले जीव की हालत पतली कर देती है । कहा जाता हैं की कोमोडो ड्रैगन 900 फिट दूर स्थित चीजों को भी आसानी से देख लेती है और ये अपने शिकार को दूर से ही नजरे गड़ाए रहती है । आमतौर पर छिपकलियां या मॉनिटर फैमिली के जीव आलसी और धीमी गति के होते है मगर कोमोडो दिन भर में लगभग 2 किलो मीटर तक का सफर तय कर सकती है । ये वाकई में बहुत बड़ा कारनामा है क्युकी इसकी तुलना में दूसरे रेप्टाइल्स ज्यादा घूमक्कड़ नहीं होते है ।