AutorRTJD Incognita Island : टेक्नोलॉजी
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• IMEI नम्बर आपने मोबाइल में 15 अंकों का एक नम्बर देखा होगा, यह IMEI नम्बर होता है। आइए जानें इस नंबर के बारे में- • IMEI नम्बर क्या होता है...

IMEI नम्बर क्या होता है? Full Form IMEI


IMEI नम्बर



आपने मोबाइल में 15 अंकों का एक नम्बर देखा होगा, यह IMEI नम्बर होता है। आइए जानें इस नंबर के बारे में-


IMEI नम्बर क्या होता है?


इसका पूरा नाम अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (International Mobile Equipment Identity) है। ये मोबाइल फोन की एक पहचान संख्या होती है, जो प्रत्येक मोबाइल के लिए अलग होती है।


IMEI नम्बर क्या काम करता है?


∆. यह खास तरह का नम्बर मोबाइल की लोकेशन को बताता है। इसकी मदद से यह जाना जा सकता है कि मोबाइल को उपयोग करने वाला यूजर कहां पर है।

फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में इस नम्बर की मदद से ही फोन का पता लगाया जाता है।

∆. iPhone के लेटेस्ट वर्जन और एंड्रॉयड के कुछ वर्जन में IMEI नम्बर इसके बैकपैनल पर लिखा होता है। बस फोन को पलटिए और इसे कहीं लिखकर रख लीजिए। पुराने फोन और कुछ iPhone पर IMEI सिम ट्रे पर प्रिंट रहता है।


IMEI नम्बर का मतलब


∆. 15 अंकों वाले IMEI नम्बर के शुरुआती 8 अंक बताते हैं कि इस मॉडल को कहां बनाया गया है।


∆. यदि किसी को अपने मोबाइल फोन का IMEI नंबर नहीं पता है तो उसे अपने मोबाइल से *#06# डायल करना होता है।


∆. इसके बाद के 6 अंकों में डिवाइस से जुड़ी जानकारी शामिल होती है और आखिरी अंक को मोबाइल के सॉफ्टवेयर के वर्जन के तौर पर बताया जाता है।



∆. IMEI नम्बर से मोबाइल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं 

X टूरिज्मों नाम की इस उड़ने वाली बाइक को जापान की स्टार्टअप कंपनी AERWINS टेक्नोलॉजी ने बनाया है। इसे होवरबाइक भी कहा जा रहा है। 1) इस बाइक ...

उड़ने वाली बाइक X Tourism द फ्लाइंग बाइक



X टूरिज्मों नाम की इस उड़ने वाली बाइक को जापान की स्टार्टअप कंपनी AERWINS टेक्नोलॉजी ने बनाया है। इसे होवरबाइक भी कहा जा रहा है।

1) इस बाइक को एक बार में करीब 30 से 40 मिनट तक हवा में उड़ा सकेंगे।


फ्लाइंग बाइक X टूरिज्मो



दुनिया में उड़ने वाली बाइक अब रियलिटी बनती जा रही है। हाल ही में अमेरिका के डेट्रॉइट ऑटो शो में फ्लाइंग बाइक ' X टूरिज्मो' नजर आई। आइए जानते हैं, इसकी खासियतों के बारे में स्कर


टेक्नोलॉजीकरीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की टॉप स्पीड वाली यह फ्लाइंग बाइक पेट्रोल से चलती हैं।अभी भी यह बाइक रेड, ब्लू और ब्लैक कलर में उपलब्ध है। उड़ते वक्त बाइक बहुत तेज आवाज करती है।

बाइक की कीमत भारतीय रुपए में लगभग 6.19 करोड़ है। हालांकि इंडिया में अभी यह उपलब्ध नहीं है। इसमें कवासकी हाइब्रिड इंजन लगा है।

फिलहाल यह बाइक जापान में उपलब्ध है। आने वाले समय में यह दूसरे देशों में भी देखी जा सकती है।

1 300 किलो की यह बाइक उड़ने के दौरान करीब 100 किलोग्राम वजन लेकर उड़ सकती है।





'वीज़ा' यह नाम आपने जरूर सुना होगा, पर क्या आप जानते हैं कि वीजा क्या है? यदि आप किसी तरह की विदेश यात्रा करना चाहते हैं, तो उसके लि...

वीजा क्या हैं ? What is VISA ? VISA KAISE ISTEMAAL HOTA HAI


'वीज़ा' यह नाम आपने जरूर सुना होगा, पर क्या आप जानते हैं कि वीजा क्या है? यदि आप किसी तरह की विदेश यात्रा करना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको वीजा की आवश्यकता होती है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से

वीज़ा क्या होता है


वीजा एक तरह का ऑफिशियल डॉक्यूमेंट होता है, जो किसी देश द्वारा अन्य देश के व्यक्ति को अपने देश में आने की परमिशन देता है। दूसरे देश जाने के लिए व्यक्ति के पास वीजा होना बहुत जरूरी है।


क्या आप जानते हैं?


दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां भारतीयों को जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती है। इनमें फिजी, मॉरीशस, जमैका, मकाऊ, इक्वाडोर, डोमिनिका, भूटान, नेपाल और माइक्रोनेशिया आदि देश शामिल हैं ।


वीज़ा (VISA) का फुलफॉर्म

विजिटर्स इंटरनेशनल स्टे एडमिशन ( Visitors International Stay Admission ) है।



वीज़ा के प्रकार


डिप्लोमैटिक (Diplomatic) वीजा: यह वीजा सिर्फ राजनयिकों के लिए होता है, जिनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट होता है, उन्हें ही यह वीजा जारी किया जाता है। यह पासपोर्ट, मैरून रंग का होता है और यह आईएएस, आईपीएस आदि सरकारी विभागों में काम करने वालों के लिए आरक्षित होता है।


इमिग्रेंट वीजा: यह एक प्रवासी (Migrant) वीजा होता है, जिसे इमिग्रेंट वीजा कहा जाता है। इसमें एक व्यक्ति जब दूसरे देश में स्थायी रूप से रहना चाहता है. तब उसे इसकी जरूरत होती है।


ट्रांजिट वीजा: यह वीजा ज्यादा से ज्यादा 15 दिनों के लिए वैलिड हो सकता है। इस वीजे को उस स्थिति में जारी करते हैं, जब किसी व्यक्ति को किसी अन्य देश से होते हुए दूसरे देश में जाना होता है।

ऑन अराइवल वीजा: कई देश ऐसे हैं, जो वीजा ऑन अराइवल की सुविधा प्रदान करते हैं। इसमें व्यक्ति के पास पासपोर्ट होना जरूरी है। उस देश में पहुंचने के बाद यह वीजा दिया जाता है। इसकी वैधता किसी भी देश पर निर्भर करती है।


वर्क वीजा: को प्राप्त कर किसी भी देश वर्क वीजा लेकर में आसानी से घूम-फिर कोई व्यक्ति उस सकते हैं, किन्तु उस देश में देश में कोई भी किसी तरह की व्यापारिक जॉब या काम कर गतिविधियां नहीं कर सकते। सकता है।


बिजनेस वीजा: यह एक व्यापारिक वीजा होता है। यह वीजा प्राप्त कर व्यक्ति उस देश में अपना बिजनेस कर सकता है।


स्टूडेंट वीजाः दूसरे देश में पढ़ाई करने के लिए यह वीजा दिया जाता है। इसके लिए आवेदक को मान्यता प्राप्त शिक्षा संस्थान में प्रवेश और वित्तीय सहायता का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है।


 आपने दुनिया के सबसे बड़े जीव का नाम सुना ही होगा जो  की एक " व्हेल " मछ्ली है । मगर हम आज आपको दुनिया नहीं इस पृथ्वी पर पाए जाने ...

सफेद दांतेदार पिग्मी श्रे Smallest Mammals in the earth

 आपने दुनिया के सबसे बड़े जीव का नाम सुना ही होगा जो  की एक " व्हेल " मछ्ली है । मगर हम आज आपको दुनिया नहीं इस पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे सुष्म जीव जो की एक मैमलस है उसकी बात करेंगे । इस जीव को नाम है " सफेद दांतेदार पिग्मी श्रे " यानी White toothed pygmi shrew ।

मैमल :  सफेद दांतेदार पिग्मी श्रे 


आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह जीव मात्र 1.56 या सीधे शब्दों में कहें तो डेढ़ ग्राम का है और इसकी लम्बाई महज़ 4 सेंटी मीटर हैं । वाकई हमारी धरती अजूबों और अनूठो का गृह है । यह जीव दिखने में बिल्कुल एक चूहे के समान दिखाई देता है ।



 टेक्नोलॉजी आधुनिक जगत की रीड की हड्डी ( Backbone ) हैं तो इंटरनेट इसका हृदय हैं । टेक्नोलॉजी नितांत इंप्रूव होती जा रहीं है और नए - नए फीचर...

जीपीएस तकनीक - GPS technology kya hai

 टेक्नोलॉजी आधुनिक जगत की रीड की हड्डी ( Backbone ) हैं तो इंटरनेट इसका हृदय हैं । टेक्नोलॉजी नितांत इंप्रूव होती जा रहीं है और नए - नए फीचर्स अपडेट हो रहे है । Google का एक बहुत ही खास फीचर है GPS तकनीक ।  हम जब भी कोई सॉफ्टवेयर को ओपन करते है तो हमे  लोकेशन की अनुमति देने के लिए GPS SYSTEM को ऑन करना पड़ता है । ये GPS SYSTEM हर एक मोबाइल , लैपटॉप और कंप्यूटर में उपलब्ध होता है । आइए अब हम इस GPS तकनीक को जानते है और हमारे जीवन में इसकी भूमिका को देखते है ।


GPS क्या होता हैं ? 

GPS का फुल फॉर्म है Global Positioning System ( वैश्विक स्थिति प्रणाली ) होता हैं । GPS एक Global Navigation satellite ( वैश्विक पथ प्रदर्शन उपग्रह ) सिस्टम है । जो किसी भी जगह की स्थिति का लोकेशन बताता है । 


इस GPS का इस्तेमाल सर्वप्रथम सन् 1960 में अमेरिकी Defence Department ( रक्षा विभाग ) ने किया था ।  शुरुवाती दिनों में इस तकनीकी का प्रयोग मिलिट्री और आर्मी में किया जाता था बाद में GPS सार्वत्रिक रूप से किया जाने लगा ।  GPS का कनेक्शन सीधा सैटेलाइट से जुड़ा होता है जो वहा से सिग्नल भेजता रहता है और इन सिग्नल को रिसीव करने के लिए उपकरण बनाए जाते है । हम जो सेल फोन इस्तेमाल करते है वहा जो सिग्नल आता वो 4 से 5 सैटेलाइट की सहायता से आता  है । और इसी कारण हम किसी भी नेटवर्क यूजर का लोकेशन इतनी आसानी से लगा  पाते है । GPS एक इंटरनल सिस्टम है जिसकी लिंक सैटेलाइट में इंस्टॉल्ड होने के माध्यम से हम लोकेशन देख पाते है । इसके अलावा GPS से हम दुरी ( Distance ) , गति ( Speed ) और मानचित्र ( Map ) भी प्रदान करता है । 



GPS की कार्य प्रणाली ~

जेसे की मैं पहले ही बता चुका हूँ GPS एक Internal System हैं जो रिसिवर ओर सॅटॅलाइट के बीच एक माध्यम के रूप में कार्य करता हैं । जब सॅटॅलाइट कोई सिग्नल भेजता हैं तो मोबाइल रिसीवर का काम करता है । हर वो मोबाइल जिसमे नेटवर्क आता है वो किसी नजदीकी सॅटॅलाइट से जुड़ा हुआ होता है और जब हमारे मोबाइल में सिग्नल आत्ता है तो वो हमारे मोबाइल की लोकेशन ओर अन्य जानकारियां सॅटॅलाइट को दे देता है । GPS का ज़्यादातर उपयोग ट्रांस्पोर्टिसम की दुनिया मे होता हैं । यात्रि अपन रास्ता ढूंढने ओर किसी टूर पॉइंट का पता आदि GPS की सहायता से कर पाते है । जब कोई ड्राइवर अपना रास्ता भटक जाता है तो वो सबसे पहले मोबाइल निकालकर गूगल पर या मैप में जाकर अपना लोकेशन देखता है । मैप Google का ही एक हिस्सा है जो GPS का इस्तेमाल कर लोकेशन्स बताता रहता है । सॅटॅलाइट किसी जगह को बार बार सर्च करने पर उसका लॉकेशन सेव कर लेता है और उसकी स्थिति को मुख्य स्पॉट बना देता है । किसी एक ही जगह से जितने अधिक GPS ऑन किये जाते है लॉकेशन मिलते है वहां सॅटॅलाइट उपग्रडेशन का काम अधिक करता है । मैप पर जो लाइव पिक्चर दिखाई देती है वो असल मे live या stream न होकर नविगटेड 3D Visualization का कमाल होता है । 



  वर्तमान में पूरा विश्व आधुनिक और डिजिटल हो रहा है और उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल कर रहा है । आज का युग इंटरनेट का युग है जहा हर काम नेटवर्क क...

OTP : ओटीपी क्या होता है One Time Password

 


वर्तमान में पूरा विश्व आधुनिक और डिजिटल हो रहा है और उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल कर रहा है । आज का युग इंटरनेट का युग है जहा हर काम नेटवर्क के जरिए कुछ ही सेकंड्स या मिनट में हो जाता है । कंप्यूटर और संचार सुविधा के आ जाने से हमारे बहुत सारे काम आसान और बेहतर हो गए है । हर देश के नागरिक को पूरी स्वाधिनता है की वो इन सुविधाओ का लाभ ले सके । कुछ लोग इस सुविधाओ का इस्तेमाल अच्छे काम के लिए करता है तो कोई बुराई के लिए करता हैं । हर मनुष्य के इसे इस्तेमाल करने के अपने अपने अलग मकसद होते है । ऐसे में बात आती है सुरक्षा की , सुरक्षा उन लोगो से जो अपने स्वार्थ और दुसरो हो क्षति पहचाने के मकसद से इस तकनीक का प्रयोग करते है । चाहे वो बैंक से सम्बंधित लेन - देन हो या अन्य डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन से रिलेटेड हो सुरक्षा की बात आ ही जाती है । और इसको पर्सनलाइजेशन बनाने के लिए OTP सर्विस  लागू कर दी गई है । आज हम इस ओटीपी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातो के बारे में डिस्कस करेंगे । 


 ● OTP क्या होता है ? 

ओटीपी One Time Password का शॉर्ट फॉर्म है जिसका अर्थ होता है  ' केवल एक समय के लिए कोड ' । यह 4 से 8 अंको या अक्षरों का ऑटो जेनरेट सुरक्षा कोड होता है जो हमे मैसेज या ईमेल द्वारा प्राप्त होता है । यह हमे एक बार मिलता है जिसे हमे वेरिफाई करना होता है । एक निश्चित रिक्वेस्ट्स करने से हमे हर बार यूनिक कोड प्राप्त होता है जो पहले वाले कोड से अलग होता है । इसलिए इसे सिक्युरिटी कोड  (Security Code ) भी कहा जाता है । प्रेजेंट टाइम में हम Google , Binge या Yahoo पर जिस भी साइट को लॉगिन करते है तो हमे फर्स्ट टाइम एकाउंट क्रिएट करना पड़ता है और उसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल वेरिफाई करने के लिए OTP फिलअप करना अनिवार्य  होता है । 



 ● OTP की जरूरत क्यों पड़ती है ? 

हम ये तो जान गए है की OTP होता क्या है मगर इसका इस्तेमाल क्यों होता है ? और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है ? 

दोस्तों आजकल टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है की मोबाइल में घर बैठे-बैठे लाखो रुपयों का ट्रांजेक्शन चुटकी में हो जाता है । अगर किसी संस्था में रजिस्ट्रेशन करवाना है वो भी मोबाइल से हो जाता है । ये सब काम में जोखिम कितना है ? ये सब यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए होता हैं मगर ये दो चीज किसी ने पता कर लिए तो ? ये बात आपको पता है मगर इन्टरनेट को थोड़ी पता रहेगा । इसी कड़ी मे इंटरनेट का नया फीचर हैं OTP । अगर यूजर नाम और पासवर्ड किसी को पता भी चल गया तो उसको सत्यापन के लिए यूजर के मोबाइल पर आए OTP को वेरिफाई करना पड़ेगा । आजकल ciber crime और hacking जेसी सामाजिक असुविधा बढ़ती ही जा रही हैं और ऐसे में आम आदमी को कोई नुकसान नहीं झेलना पड़े इसलिए OTP इंटरनेट की दुनिया में एहम और महत्त्वपूर्न पहल है ।



नई - नई तकनीक और बढ़ते साइबर क्राइम की दुनिया को देखते हुए तो यही लगता है आज हम जिस आजादी से इंटरनेट का प्रयोग कर रहें है । भविष्य में इन्टरनेट उसे करने क्रिया भी एक सीमा निर्धारित कर दी जाएंगी और रिस्ट्रिक्शंस बड़ा दी जाएंगी । फ्यूचर मे दुनिया फास्ट और एडवांस जरूर हो जाएंगी मगर HACKING और CIBER CRIME का आतम होना तय है । तब Banking Services उतनी सेफ नहीं रहेगी जितनी आज है । इसलिए तो बैंक और इंटरनेट हमे बार - बार सचेत करता है और अवेयर रहने और OTP , Pin, Password , username और पर्सनल इनफॉर्मेशन शेयर न करने के लिए आगाह करते रहते है । 


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